दसिी ोंकक्षा प्रकतदशव प्रश्नपत्र 6 अोंक 80
विषय: तृतीय भाषा वहोंदी
खंड ‘ि’
I. वनम्नवलक्लखत प्रश्ो ोंके चार-चार विकल्प वदए गए हैं|जीनामे एक मात् सही उत्तर है सही उत्तर
चुनकर प्रश्ो ोंके नीचे वदए हुये ररक्त थथानो ोंमे सोंके ताक्षर सवहत पूणा रूप से वलक्लखए :
1X8=8
1. बेचना शब्द का विलोम रूप है ----
A॰ बेचैन B॰ खरीदना C॰ वबछाना D॰ याचना `
2. लेखक शब्द का स्त्री वलोंग रूप है –
A॰ लेखनी B॰ लेक्लखका C॰ लेखको ों D॰ लेख
3.‘र्र’शब्द का बहुिचन रूप है ----
A॰ र्रो ों B॰ र्र C॰ र्रें D॰ बेर्र
4. ‘मन्वोंतर ’शब्द इस सोंवि का उदाहरण है ------
A. दीर्ा सोंवि B. गुणसक्लन्ध C. यण सोंवि D. िृक्लद्ध सोंवि
5. ‘बाूँटना’ शब्द का प्रथम प्रेरणाथाक रूप है ------
A. बाूँट B.बूँटाना C. बाूँट देना D.डाूँटना
6. ‘कमर कसना ’ इस मुहािरे का अथा है -----
A.शोर करना B. क्रोवित होना C. खुश होना D. तैयार होना
7. ‘सप्ताह’ इस समास का उदाहरण है --
A.बवहविही B.वद्वगु C. तत्पुरु D. कमा िारय
8. ‘क्या आप बेंगलूरु जा रहे हो ‘िाक्य मे प्रयुक्त होनेिाला विराम वचन्ह है ------
A. पूणा विराम B. प्रश्िाचक C. योजक D.अल्प व
खंड ‘ ख ‘
II॰ कनम्न कलखखत प्रथम दो शब्ो ंिे सूकच
9.अवभनि मनुष्य :रामिारी वसोंह वदनकर:: मातृभूमी ___________________ 1X4=4
10.कश्मीरी सेब : कहानी :: वगल्लू ____________________________________
11. ई. गिनेंस : ई-प्रशासन : : िीवडयो कान्फरेन्स::________________________
12.जसोदा :यशोदा :: कान्हा : ____________________________
III. कनम्न कलखखत प्रश्नो ंिा उत्तर एि-एि वाक्य में कलखखए : 4X1=4
13.आज की दुवनया कै सी है ?
14.पों राजवकशोर क्या काम करते थे ?
15.लेखक चीज़े खरीदने कहाूँ गये ?
16.फू ल मालाएूँ वमलने पर लेखक ने क्या सोचा ?
IV.कनम्न कलखखत प्रश्नो ंिे उत्तर दोया तीन वाक्यो ंमें कलखखए : 8X2=16
17.सेब की हालात के बारे मे वलक्लखए ?
18.वलक्लखका का ध्यान आकवषात करने के वलए वगल्लू क्या-क्या करता था ? ?
19.इन्टरनेट का मतलब क्या है ?
20.सम्मेलन में कौन –कौन सी चीजे गायब हुईों ?
21.कवि के अनुसार मानि का सही पररचया क्या है ?
22.यशोदा कृ ष्ण के क्रोि को कै से शाोंत करती है ?
23.शनै:चर का अथा क्या है ?शवन वकसका पुत् है ?
या
शवन का वनमााण कै से हुआ ?
24.सत्य के बारे में गाोंिी जी का कथन क्या है ? अथिा
शास्त्र में सत्य बोलने के बारे में क्या कहा गया है
V. कनम्न कलखखत प्रश्नो ंिा उत्तर तीन-चार वाक्यो ंमे कलखखए : 9X3=27
25.मातृभूवम का स्वरूप कै से सुशोवभत है ?
26. समय का सदुपयोग कै से करना चावहए ?
27. बसोंत ईमानदार लड़का है कै से ?
28.शोंशुद्दीन अखबारो ोंका वितरण काया कै से करते थे ?
29.सम्मेलन में लेखक को कौन-कौन से अनुभि हुये ?
30.दवक्षणी वशखर पर चढ़ते समय वबछेंद्री के अनुभि के बारे में वलक्लखए |
31.गाूँि को आदशा गाूँि कै से बनाया जाता है ?
32.दोहे का भािाथा अपने शब्दो ोंमें वलक्लखए |
रामनाम मवण दीप िरू,जीह देहरी द्वार |
तुलसी भीतर बावहरौ,जो चाहसी उवजयार ||
33.गद्यान्श का अनुिाद कन्नड या अोंग्रेज़ी में कीवजए :
कनााटक में कन्नड भाषा बोली जाती है और इसकी राजिानी बेंगलूर है |यहाूँ देश-विदेश के लोग आकर बस जाते हैं|
VI. वनम्न वलक्लखत प्रश्ो ोंका उत्तर पाूँच –छ: िाक्यो ोंमें वलक्लखए : 2X4=8
34.कनााटक की वशल्पकला का िणान कीवजए |
अथिा
कन्नड भाषा तथा सोंस्कृ वत को कनााटक के सावहत्यकारो ोंका योगदान क्या है ? |
35. वनम्न वलक्लखत कविताोंश को पूणा कीवजए :
असफलता __________________________________
____________________________________________
___________________________________________
_______________________________________भागो तुम |
खंड ‘ग ‘
VII. 36) गदयाोंश को ध्यान पूिा पढ़कर वनम्न वलक्लखत प्रश्ो ोंका उत्तर वलक्लखए : 1X4=4
भारत में अनेक दाशावनक थथान है | दवक्षण भारत का हम्पी उनमे से एक है |बारहिी ों सदी मे यहाूँ विजय नगर साम्राज्य था| वजनमें रामस्वामी,विजय विट्ठल और विरूपाक्ष का मोंवदर है |यह प्राचीन वशल्प कला के वलए प्रवसद्ध है | उग्र नरवसोंह की वशला देखने में सुोंदर है | रक्कस्तोंगड़ी युद्ध के द्वारा इस साम्राज्य का पतन हुआ |
झ) दवक्षण भारत का प्रवसद्ध दाशावनक थथान कौन-सा है ? ञ) विजय नगर के प्रमुख मोंवदरो ोंका नाम वलक्लखए | ट) वकस वशल्पकला देखने में सुोंदर है ? ठ) वकस युद्ध के द्वारा विजयनगर का पतन हुआ ?
VIII. 37) बीमारी का कारण देते हुए चार वदन की छुट्टी माूँगकर अपने प्रिान अध्यापक के नाम छुट्टी पत् वलक्लखए | 1X5=5
या
शैवक्षक पयाटन के वलए अनुमवत एिों 500 रू पैसे माूँगते हुए अपने वपता के नाम पत् वलक्लखए|
IX. 38) वदये गए सोंके त वबन्दुओ ों के आिार पर वकसी एक विषय पर 12-15 िाक्यो ों मे वनबोंन्ध वलक्लखए 1X4=4
1.इन्टरनेट 2. पयाािरण नागरीको ोंका कताव्य
* प्रस्तािना * प्रस्तािना * प्रस्तािना
* महत्व * उपयोवगता * नागरीको ोंकी भूवमका
* लाभ ि हानी * लाभ * महत्व
* उपसोंहार * रक्षा के उपाय * वनष्कषा
0 comments:
Post a Comment